Self composed poem
Self composed poem blog by Arohi Saxena is about expressing feelings in form of poetry.it's a way to connect people and touch their hearts.
Tuesday, 21 March 2023
Saturday, 21 January 2023
Wednesday, 11 January 2023
Thursday, 16 September 2021
Sunday, 18 April 2021
Thursday, 7 November 2019
Har pal 😊❤
इंतजार है उस दिन का, जब साथ तुम्हारा हर पल में
सांसों में तुम्हारी खुशबू हो, एहसास तुम्हारा हर पल में
फूलों सी फिर खिल जाउँ मैं इस प्यार की पहली बारिश में भीग जाए दिल का आँगन ,मन उड़ने लगे बस खवाबों में
आँखो के दपॆण में देखूँ तो, अक्स तुम्हारा दिखता हो
बात करूँ जब होठों से ,तो जिक्र तुम्हारा चलता हो
हर लम्हें में हो प्यार भरा खुशियाँ ही खुशियाँ जीवन में
सांसों में तुम्हारी खुशबू हो, एहसास तुम्हारा हर पल में ।।
Friday, 27 September 2019
Do palkon ki ...
दो पलकों की ओट में ,आँसू कोई ठहरा है
भावनाओं की बाढ पर ,बांध रूपी पहरा है
छलक गया तो राहत है ,न छलके तो पीर है
जो न समझे दिल की बातें, उसके लिए बस नीर है
हर धड़कन का जीवन से ,संबध बहुत ही गहरा है
दो पलकों...
रिश्तों की नाकामी से भर ,ये नयनकोर छू जाते हैं
दिल में उठता है तूफान नया ,सैलाब कहीं फिर लाते हैं लगता है फिर ये दुनिया ,झूठे रिश्तों का डेरा है
दो पलकों ....
खुश होता है दिल कभी जो ,आंख यूहीं भर आती है जब गिरता है ये मोती तो ,प्यार का सावन लाती है
जी ले खुल के इस पल को ,ये वक्त अभी बस तेरा है
दो पलकों .....